गोंद कतीरा क्या होता है?
गोंद कतीरा जिसे अंग्रेजी में Tragacanth Gum भी कहा जाता है | इसकी उत्पत्ति प्राकर्तिक पौधों की झाड़ियों से होती है | इसका उपयोग आयुर्वेद में बुहत लंबे समय से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है | इसकी पहचान ये है के ये सफेद या हलके पीले रंग का होता है | ध्यान रखे इस गोंद को सीधे खाने के उपयोग में नहीं लिया जाता है |
इसको बनाने की विधि कुछ इस प्रकार है – इस प्राकर्तिक गोंद को पानी में भिगो कर कुछ देर के लिए रखा जाए, कुछ समय बाद ये फूलकर जेली जैसा बन जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए इसका सेवन विशेषकर गर्मियों में किया जाता है |
गोंद कतीरा खाने के फायदे –
1. शरीर को ठंडक प्रदान करता है –
गोंद कतीरा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शीतल प्रकृति मानी जाती है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
क्यों माना जाता है “डेजर्ट कूलेंट”?
राजस्थान, गुजरात और मध्य-पूर्व के कई क्षेत्रों में सदियों से गोंद कतीरा का उपयोग गर्मी से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है। पारंपरिक समाजों में इसका प्रयोग लू के बचाव के लिए उत्तम माना गया है |
2. पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करें –
गोंद कतीरा में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते है |
गोंद कतीरा और आधुनिक हाई-फाइबर फूड्स में अंतर –
वैसे तो लोग फाइबर के लिए चिया सीड्स खाने के फायदे एवं इसबगोल का उपयोग करते है क्योंकि अधिकतर लोग इस बात से अनजान है के गोंद कतीरा फाइबर के साथ-साथ हाइड्रेशन भी प्रदान करता है | यही कारण है कि गर्मियों में कई आयुर्वेदिक विशेषज्ञ इसे विशेष रूप से उपयोगी मानते हैं।
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक हाइड्रेशन के विकल्प के रूप में देखा जाता है यही कारण है इसकी लोकप्रियता एवं उपयोग फिटनेस प्रेमी और एथलीट में बढ़ती जा रहा है | यह बिना कृत्रिम एडिटिव्स के शरीर को ठंडक और नमी प्रदान कर सकती है।
3. शरीर में पानी की कमी दूर करने में सहायक –
गर्म मौसम में शरीर से पानी तेजी से निकलता है। गोंद कतीरा पानी को अवशोषित करके शरीर में नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
एक रोचक तथ्य –
गोंद कतीरा को “Natural Hydrocolloid” भी कहा जाता है क्योंकि यह पानी को बांधकर रखने की क्षमता रखता है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग केवल खाद्य पदार्थों में ही नहीं बल्कि कुछ कॉस्मेटिक और फार्मास्यूटिकल उत्पादों में भी किया जाता है।
4. ऊर्जा प्रदान करता है –
दूध, बादाम एवं पिंड खजूर खाने के फायदे के साथ गोंद कतीरा लेने से शरीर को पौष्टिकता मिलती है |
पुराने समय में मजदूर और व्यापारी क्यों खाते थे?
पुराने समय में लंबी यात्राओं पर जाने वाले व्यापारियों एवं ऊंट चालकों को गोंद कतीरा दिया जाता था | इसके सेवन शरीर में ऊर्जा एवं नमी बनाए रखने में मदद करता था, खासकर गर्मियों के मौसम में |
5. त्वचा के लिए उपयोगी –
जैसे के हमने आपको पहले भी बताया, गोंद कतीरा में पर्याप्त हाइड्रेशन पाया जाता है जो की त्वचा के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है |
ब्यूटी इंडस्ट्री में इसका उपयोग –
त्वचा के लिए गोंद कतीरा की विशेषता देखते हुए इसका उपयोग स्किन केयर और मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में भी किया जाता है। इसका मुख्य कारण उनकी नमी बनाए रखने की क्षमता है | इस तथ्य से काफी लोग अनजान है |
6. महिलाओं की प्रसव समस्या में लाभकारी –
पुराने समय में पारंपरिक रूप से महिलाओं को प्रसव के बाद ताकत के लिए गोंद युक्त खाद्य पदार्थ दिया जाता रहा हैं।
लेकिन गोंद कतीरा और खाने वाले गोंद में फर्क समझें –
कई लोग गोंद कतीरा और गोंद बबूल को एक ही समझ लेते हैं। वास्तव में दोनों के स्रोत, गुण और उपयोग अलग-अलग होते हैं। इसलिए किसी भी पारंपरिक नुस्खे को अपनाने से पहले सही गोंद की पहचान करना जरूरी है।
7. मुंह और पेट की जलन में राहत –
मुंह और पेट की जलन में राहत |
गोंद कतीरा की शीतल प्रकृति इसे मुंह एवं पेट की जलन से पीड़ित लोगों के लिए एक गुणकारी उपयोग माना गया है |
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
ध्यान रखें ये शरीर की गर्मी को शान्त करने में एक उपयोगी नुस्खा माना गया है लेकिन आयुर्वेदा में किसी रोग के उपचार के लिए इसकी सलाह नहीं दी जाती है |
क्या गोंद कतीरा “सुपरफूड” है?
आज सोशल मीडिया पर कई खाद्य पदार्थों को सुपरफूड कहा जाता है। गोंद कतीरा निश्चित रूप से एक रोचक पारंपरिक खाद्य पदार्थ है, लेकिन इसे चमत्कारी औषधि मानना सही नहीं होगा। इसके फायदे संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ अधिक प्रभावी होते हैं।
