छिपकली के विष का उपचार (Lizard Bite Treatment in Hindi)

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छिपकली का विष –

छिपकली डरपोक होती है इसी कारण शीघ्र अपने आपको बचाने व छिपाने की कोशिश करती है | परन्तु कई बार कपड़े में होने के कारण या फिर ऊपर गिर जाने के कारण इसके नाखून गढ़ जाते है या फिर यह फिर ये काट भी लेती है | काटे स्थान को बारीकी से निरीक्षण करें कई बार उस स्थान पर दांत लगे रह जाते है । इस कारण अगर ऐसा है तो सावधानी से दांतो को निकल दें | छिपकली के दाँतों को सावधानी से निकालकर बाहर गन्दगी में फेंक दें |

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छिपकली के विष का उपचार –

उस स्थान पर सरसों के तेल में, गाय के गोबर के बनायें कंड़ों की राख रगड़ने से लाभ होता है। इस चीज का ध्यान रखें की अगर आपके हाथ में कोई घाव है तो इस घाव पर भी जहर का प्रभाव हो सकता है। इस कारण इस स्थान पर लेप तभी करें जब आप अपने हाथों में दस्ताने पहने हों अन्यथा हानि होती है। काटने वाले स्थान पर सूजन, नीलापन तथा घाव रिसने लगता है। चिकली के काटे हुए स्थान पे पानी, घूल व मिट्टी आदि के पड़ने के कारण मवाद भी पड़ जाती है।

छिपकली को घर से दूर रखने का उपाय – घर में केसर को खुला रखने से छिपकली सूंघकर भाग जाती है।