काजू खाने का तरीका जो नुकसान से बचाए फायदा पहुँचाए

लेटिन नाम–एनाकार्डियम आक्सीडेण्टैले

प्रकृति – गर्म और तर

काजू खाने के फायदे

काजू में प्रोटीन होता है जो माँस से अधिक मात्रा में होता है। यह जल्दी पच जाता है। काजू गुर्दे के आकार का होता है। गुर्दे को ताकत देता है। काजू एक मेवा है। मेवे सर्दी के मौसम में खाये जाते हैं। काजू अधिक मात्रा में खाने से गर्मी करता है, रक्‍तस्राव कर सकता है जिससे नकसीर आ सकती है, लग सकते हैं दस्त के कारण। दस्तों के रोगी को काजू नहीं खाना है। काजू खाने में स्वादिष्ट लगता है, किशमिश के साथ खाने से स्वाद में बढ़ोतरी हो जाती है तथा शरीर में शक्ति आती है। काजू खाने स्रे रक्त की कमी कमजोरी जोशी दूर होकर शरीर बलिष्ठ होता है, नाड़ी संस्थान सक्रिय होता है | आरोग्य शक्ति बढ़ती है | काजू शान्तिदायक, चिकना और पौष्टिक होता है। जो लोग बार-बार उल्टी का इलाज
करते हैं, दुर्बल होते हैं, उन्हें काजू लाभ करता है। काजू मोटापा बढ़ाता है। हृदय शक्तिवर्धक है | गुर्दे की शक्ति बढ़ाता है

काजू का तेल – काजू का तेल लगाते ही गर्म लगता है। काजू के तेल में कारडोल और एनाकार्डिक एसिड नाम के तत्व होते हैं। शरीर के मस्से चाहे काले हों या गोभी के फूल की तरह बिखरे हुए रेशा वाले, नित्य लम्बे समय तक काजू का तेल लगाते रहने से जल जाते हैं।

रक्‍ताल्पता (एनीमिया) – काजू में लोहा अधिक होता है। इसलिए रक्त की कमी के रोगियों को सर्दी के मौसम में काजू नित्य खाना चाहिए।

भूख – काजू पाचन-शक्ति बढ़ाता है। इससे भूख अधिक लगती है। आँतों में भरी गैस बाहर निकलती है।

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मर्दाना शक्तिवर्धक – काजू खाने से वीर्य अधिक बनता है, कामशक्ति बढ़ती है। शुक्राणु (Sperms) अधिक बनते हैं। काजू काम-शक्ति और वीर्य बढ़ाता है। काजू खाते रहने से दुर्बलता दूर होकर नपुंसकता दूर होती है।

स्मृतिसुधा – प्रात: भूखे पेट काजू खाकर शहद खाने से स्मरण-शक्ति जल्दी बढ़ती है। विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियो को काजू खाना चाहिये।

मस्तिष्क शक्तिवर्धक – नित्य 5 काजू प्रातः भूखे पेट खायें और एक चम्मच शहद चाट लें। यह मस्तिष्क के लिए लाभदायक है।

यूरिक अम्ल – काजू खाने से यूरिक अम्ल नहीं बनता। अधिक बना हुआ यूरिक अम्ल भी कम होने लगता है। जोड़ों के दर्द में लाभ होता है। काजू में विटामिन ‘बी’ पर्याप्त मात्रा में होता है। माँसाहारी कहते हैं, माँस में प्रोटीन अधिक होता है। माँस यूरिक अम्ल बनाता है। काजू में प्रोटीन होता है, जो शीघ्र पच जाता है तथा यूरिक अम्ल नहीं बनाता। प्रोटीन की दृष्टि से काजू माँस से अच्छा भोजन है।

सफेद दाग – काजू का तेल सफेद दागों पर लगाने से धीरे-धीरे लम्बे समय में सफेद दाग मिट जाते हैं। साथ में अल्प मात्रा में काजू खाते भी रहें। काजू का तेल टटा, दाद, खाज, चर्म रोग, मस्से पर लगाने से लाभ होता है।

कब्ज – कब्ज़ दूर करने के लिए मिलाकर खाये काजू एवं मुनक्का के फायदे हिंदी में |

थियामिन – शरीर में थियामिन की कमी से भूख नहीं लगती, लगातार अवसाद बना रहता है, नाड़ी दौर्बल्य रहता है। नाड़ी-मण्डल और पाचन प्रणाली की सक्रियता और स्वस्थ रहने के लिए थियामिन की आवश्यकता होती है। काजू में थियामिन की अधिकता होती है । काजू खाये, थियामिन की पूर्ति करें।

रिबोपलोविन – रिबोफ्लोविन बुढ़ापा रोकता है, यौवन बढ़ाता है। काजू में रिबोपलोविन होता है।

शक्तिवर्धक – काजू खाने से शक्ति और स्फूर्ति आती है | रक्त की कमी (एनीमिया )दूर होता है। काजू और किशमिश मिलाकर खायें।

काजू का दूध – काजू का दूध और दही शारीरिक अशक्ति, दुर्बलता में विशेष उपयोगी है। काजू दो घंटा भिगोकर पीसकर पाँच गुने पानी में घोलकर छान लें। यह काजू का दूध है। स्वरूप और रचना में यह गाय के दूध जैसा होता है। यह बहुत सुपाच्य, हल्का स्वादिष्ट होता है और बीमारी के बाद कमजोरी को दूर कर ताकत देता बढ़ता है | शरीर मोटा-ताजा करता है। काजू के दूध को गर्म करके छाछ या दही का जामन डालने ताजा करता है।

उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) – नित्य आठ काजू खायें। रक्तचाप नहीं बढ़ेगा, नियंत्रण में रहेगा |

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गर्भशय की सूजन – नित्य काजू खाने से गर्भशय की सूजन कम और ठीक हो जाती है | गर्भशय सम्बन्धी रोगों से भी लाभ होता है |

प्रोस्टेटाइटिस – काजू और लम्बी पीपल (पीपली) दोनों सामान मात्रा में पीसकर एक चम्मच इनका पाउडर और एक चम्मच शहद मिलकर एक बार नित्य चांटे | दस दिन बाद दो बार सुबह-शाम चांटे | लाभ होगा |

100 ग्राम काजू में पाए जाने वाले पोषक तत्व 

पोषक तत्व

मि. ग्राम

कैलोरी

596
प्रोटीन 21.2
कैल्शियम 50
लोहा 5.0
विटामिन-ए 60
थायोमीन 0.63
रिबोपलोविन 1.19
नियासीन

1.2