कब्ज़ एवं घोटने का दर्द में अखरोट खाने के फायदे

अखरोट का लेटिन नाम – जुग्लैंस रीजया

अखरोट की तासीर –

अखरोट गर्म होता है। यह रूखापन दूर कर कोमलता लाता है। अखरोट यक्ष्मा, हृदय रोग, कृमि-नाशक, वात और पित्त को नियन्त्रित करता है। अखरोट मस्तिष्क और हृदय के लिए लाभदायक है ।

अखरोट में पाए जाने वाले पोषक तत्व

अखरोट में ओमेगा-3 और फैटी एसिड प्रचर मात्रा में होता है। अखरोट में प्रोटीन, फेट, विटामिन ‘ई’, शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन बी- कॉम्पलेक्स, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, सेलेनियम, कार्बोहाइड्रेट्स,  कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस तथा विटामिन ‘ए’, ‘बी’ ‘सी’ होते है |

अखरोट खाने से क्या फायदा होता है

अखरोट मीठा, चिकना, वीर्य वृद्धि करने वाला, गर्म तथा पचने में भरी होता है यह टी. बी., उच्च्च रक्तचाप, रक्तदोषों को ठीक करता है। एक दिन में एक मुट्ठी अखरोट खाना पर्याप्त है। मात्रा अपनी पाचन-शक्ति के अनुसार लें।

अखरोट, काजू खाने के फायदेबादाम खाने के फायदे के गुणों में समानता है। यह बादाम से अधिक गर्म होता है, अतः इसे सर्दियों में ही खाना चाहिए। जिनकी प्रकृति गर्म हो उन्हें इसकी मात्रा कम खानी चाहिए। अखरोट की गिरी की सामान्य मात्रा 25 ग्राम है। इसके अधिक सेवन: से उत्पन्न गर्मी को कम करने के लिए सेब और नीबू का सेवन करें। ठंडी प्रकृति वाले इसे अधिक भी खा सकते हैं। यह बल-वीर्य बढ़ाता है।

कब्ज दूर करे अखरोट –

अखरोट एरंड के तेल की तरह आँतों को चिकनी बनाकर कब्ज दूर करता है। कब्ज अधिक रहने वाले व्यक्तियों को अखरोट की गिरी के साथ मुनक्का खाने के फायदे |

अफीम के दुष्प्रभाव दूर करे अखरोट –

अधिक दिनों तक अफीम के सेवन से जो उपद्रव होते हैं, उन्हें शांत करने के लिए इसे 50 ग्राम तक खाना चाहिए । अखरोट खाते रहने से अफीम के दुष्प्रभाव दूर हो जाते हैं।

सौंदर्यवर्धक अखरोट  –

अखरोट पर पानी डालकर, पीसकर इसका लेप करने से त्वचा का रंग निखरता है, सूजन मिटती है तथा वायु के रोगों का दर्द दूर होता है।

स्तन वृद्धि अखरोट –

नित्य अखरोट खाकर गर्म दूध पीने से स्तनों का विकास होकर वे मोटे, फूल जाते हैं। दूध बढ़ता है। पतले, छोटे स्तनों वाली स्त्रियाँ अखरोट खायें।

घोटने का दर्द में अखरोट खाने के फायदे

सारे शरीर का भार घुटनों, पैरों पर पड़ता है। घुटनों का दर्द अधिकतर बूढ़े, मोटे और आलसी लोगों को होता है। मोटापा बढ़ने से शरीर का भार घुटनों पर पड़ता है जिससे वे दर्द करते हैं। घुटनों के दर्द में मोटापा घटाना जरूरी है। शरीर के किसी भी भाग में दर्द होता है तो इसका अर्थ यह है कि उस भाग मे कार्बन-डाई- ऑक्साइड, पानी तथा अन्य विषाक्त पदार्थ या वायु भर गयी है। घुटनों के दर्द में भी वायु भर जाती है। घुटनों में सूजन और दर्द होता है। चलने-फिरने या घुटने को मोड़ने में कष्ट होने लगता है। सीढ़ियाँ चढ़ना, उतरना भी कई बार कठिन हो जाता है। बढी हई अवस्था में पैरों को मोड़ने पर कई बार कट-कट जैसी आवाज भी सुनाई देती है। जीर्ण अवस्था में घुटनों में टेढ़ापन आकर, पैर धनुषाकार होने लगते हैं।

घुटने के दर्द के लक्षण

जोड़ो में तीव्र पीड़ा, सूजन तथा लालिमा, हल्का ज्वर महसूस होना, दुर्गन्धयुक्त पसीना आना, दुर्बलता तथा अशक्तता महसूस होना, जोड़ो में भारीपन, चलने फिरने में असमर्थता, लगातार कब्ज़ बने रहना | जानिए – कब्ज़ दूर करने के लिए क्या खाएं

घोटने के दर्द में क्या खाएं

क्षारीय भोजन अर्थात मौसम के ताजे फलों, हरी पत्तेदार, सब्जियों तथा फलों के रस, अंकुरित मूँगा, मोठ तथा मेथी विशेष रूप से लाभदायक है |

घोटने के दर्द में क्या नहीं खाएं

अम्लीय आहार जैसे- चाय, कॉफ़ी, बेसन, मैदा से बनी चीजे खाने से बचे, आइसक्रीम, खट्टे पदार्थ, चीनी, ठंडे पेय, पान, तम्बाकू, गुटका, जर्दा आदि से बचें |

जानिए – छुहारा खाने की विधि

अखरोट से घुटने के दर्द का उपचार

प्रातः खली पेट पाँच अखरोट की गिरियाँ अच्छी तरह से चबाकर खाये |

गठिया में अखरोट नित्य खाने से लाभ होता है |

यह रक्त साफ करके गठिया में लाभ करता है |