प्याज खाने के फायदे-प्याज खाएं रोग भगाएं

प्याज और शरीर

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खनिजों व विटामिन की जरूरत बराबर होती है, जो कि प्याज में पाए जाते हैं। कुछ अनुसंधानकर्ताओं तथा विशेषज्ञों की खोजों से यह पता चला है कि प्याज में विटामिन ए, बी, सी और इ होते हैं।

लेकिन प्याज को भूनने पर इसके विटामिन नष्ट हो जाते हैं। प्याज में शर्कर भी होती है लेकिन भूनने, तलने पर यह भी नष्ट हो जाती है। प्याज में मौजूद विटामिन इ प्रजनन संस्थान को स्वस्थ कर प्रजनन शक्ति बढ़ाती है। बच्चे की बढ़ती आयु में नित्य प्याज का सेवन कराने से चहुंमुखी विकास होता है। यदि कोई बच्चा सुस्त, निढाल तो उसे कच्ची प्याज खाने को दें तथा उनमें आए बदलाव को देखिए |

प्याज खाने के फायदे

प्याज से खाज-खारिश का उपचार

  • यदि त्वचा खुश्क हो तो सफेद प्याज का रस मलें। इससे खुश्की दूर हो जाएगी |
  • खुश्की के कारण होने वाली खारिश के लिए पौष्टिक भोजन करें।
  • यदि त्वचा की खारिश हो तो सफेद प्याज के रस में, थोड़ी-सी शराब मिलाकर खारिश वाले स्थान पर लगाएं।
  • प्याज के बीजों को महीन पीसकर, सिरके में मिलाकर दाद पर लगाएं।
  • नीबू के रस में, प्याज के बीजों को पीसकर मलहम की तरह दाद पर लगाएं।

प्याज से चर्म रोग का उपचार उपचार

  • दाद, खाज, खुजली, खारिश जैसे चर्म रोगों के लिए प्याज के रस में थोड़ा-सा सरसों का तेल मिलाकर रोगग्रस्त भाग पर लगाएं। इसे इस प्रकार मलें कि यह मिश्रण अंदर तक चला जाए।
  • प्याज के रस में, सरसों का तेल मिलाकर त्वचा के रोगग्रस्त स्थान पर लगाएं। इससे रक्त शुद्ध होगा व खुजली में भी आराम आ जाएगा।

प्याज से एक्जीमा का उपचार

  • एग्जीमा दो प्रकार का होता है, एक कला और दूसरा सफेद | यह एक त्वचा रोग होता है | धूल-मिट्टी, गंदे कपडे पहनने, नित्य स्नान न करने आदि कारणों से यह त्वचा रोग हो जाता है |
  • एक चम्मच पिसी हुई मिश्री, आधा चम्मच पिसा व भुना हुआ सफेद जीरा, एक बड़ी चम्मच नीबू का रस। तीनों को मिलाकर पी जाएं। दिन में तीन बार इसका सेवन करें।

प्याज से रक्त विकार का उपचार

  • आधा कप सफेद प्याज के रस में, एक चुटकी सफेद जीरा व एक चम्मच पिसी हुई मिश्री मिलाकर प्रातः के समय खाली पेट रोगी को दें।

प्याज से सफेद दाग का उपचार

  • गौमूत्र में, प्याज के बीजों को बारीक पीस लें। रोगग्रस्त स्थान पर इसे लेप की तरह लगाएं।
  • भोजन में नित्य रूप से कच्चे प्याज का अधिक सेवन करें।
  • कच्चे प्याज का रस रोगग्रस्त स्थान पर लगाएं।

प्याज से लकवा का उपचार

कारण लकवा कभी भी तथा किसी को भी हो सकता है। शरीर के जिस भाग की तथा जिस तरफ की भी रक्त नाड़ियां सुन्न हो जाएं तथा रक्त संचार अवरुद्ध हो जाए, उसी तरफ का हिस्सा कार्य करना बंद कर देता है। रोगी को उस हिस्से की परेशानी को दूर करने के लिए प्याज का नित्य सेवन करना चाहिए, जिससे सुन्नपन दूर हो तथा रक्त संचार फिर से आरंभ हो ।

  • उपचार ताजा सफेद प्याज का रस दिन में चार बार, लगभग आधा कप लकवे के रोगी को पिलाएं। इस रस से रोगी के रोगग्रस्त अंग की मालिश भी करें।
  • पक्षाघात के रोगी को रोज कच्चे प्याज खानी चाहिए।

प्याज से दिल घबराने का उपचार

  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण, वायु प्रदूषण, भीड़ में जाने, सिगरेट के धुएं की धूप में अधिक समय तक रहने, पान-तम्बाकू का सेवन करने आदि बुहत से कारणों से दिल घबराने लगता है
  • दो चम्मच प्याज का रस, दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में चार बार सेवन करें। यह उपचार लगभग चार से पांच सप्ताह तक करें। इससे दिल घबराने की शिकायत दूर हो जाएगी।

प्याज से बेहोशी का उपचार

  • बेहोशी कभी भी, कहीं भी, किसी को भी आ सकती है। बेहोशी आने का कोई भी कारण हो सकता है।

उपचार

  • ताजे प्याज के रस में अनगिनत होते हैं जो कि एक घंटे तक मौजूद रहते हैं। बेहोशी होने पर ताजे प्याज का रस निकालकर रोगी के मुंह में थोड़ी-थोड़ी देर में डालते रहें। इससे बेहोशी जल्दी दूर हो जाएगी तथा रोगी उठकर बैठ जाएगा।

प्याज से शरीर में ऐंठन का उपचार

कारण

  • कठोर शरीरिक परिश्रम करने, अधिक समय तक खड़े रहकर काम करने, लगातार बैठने का काम करने आदि बहुत से ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से हमारे शरीर में अकड़न या ऐंठन आ जाती है।

उपचार

  • दो चम्मच प्याज के रस में, नीबू निचोड़कर रोगी को पिलाएं।
  • प्याज के रस को हल्का गरम करके रोगी के कान में डालें व तलवों पर लगाएं। इससे रोगी को तुरंत आराम आएगा |