Day: June 4, 2022

मूत्रावरोध कारण व लक्षण पेशाब का रुक-रुक कर आना भी प्राय: वृद्धावस्था की ही बीमारी है। इस रोग का प्रमुख कारण या तो मूत्र मार्ग में आया कोई अवरोध या मांसपेशियों पर शरीर के नियंत्रण में कमी होना होता है। मूत्राशय की पथरी बढ़ जाने व अन्य शारीरिक विकारों के कारण भी मूत्रावरोध की समस्या…

गुर्दे व मूत्र संबंधी रोग – मूत्र द्वारा हम शरीर के विषाक्त व हानिकारक पदार्थों व लवणों को शरीर से बाहर उत्सर्जित करते हैं। यह एक आवश्यक क्रिया है, जिसमें किसी भी प्रकार की बाधा अथवा रुकावट होने से पूरे शरीर का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। बार-बार पेशाब आने के कारण बार-बार पेशाब आना असंयमित…

गाजर गाजर एक ऐसी सब्जी है जो प्रायः सारे भारत में पैदा होती है। इसकी फसल दिसम्बर से अप्रैल तक होती है। यह गरीब और अमीर दोनों के लिए एक सुलभ खाद्य पदार्थ है। गाजर में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह कच्ची से लेकर साग-सब्जी के रूप में खाई जाती है। गाजर के…

पेट के कीड़े के लक्षण अधिकतर बच्चों के पेट में कीड़े होने की शिकायत होती है। ऐसी स्थिति में बच्चों व बड़ों को कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं। जैसे-उल्टी हो जाना पढ़िए – उलटी का घरेलु उपचार, पेट में रह-रहकर दर्द होना, भूख न लगना, जी मिचलाना, त्वचा का रंग पीला पड़ जाना,…

वातादि दोष जब कुपित होकर त्वचा, मांस तथा मेद को दूषित कर गुदा में मांस के अंकुर उत्पन्न करते हैं तो उसे बवासीर कहा जाता है। आयुर्वेद में वात पित्त कफ़ में से किसी के कुपित होने से पाइल्स होना बताया गया है | कुछ समय पहले तक यह बीमारी काफी कम देखने को मिलती…