दूध के साथ छुहारा खाने के फायदे

लेटिन नाम – फीनिक्स डेक्टाइलीफेरा

तासीर – गर्म

खजूरों को सुखाने पर छुहारा बनता है | यु समझे सूखा खजूर ही छुहारा है | छुहारे को खारक भी कहते है |

छुहारे खाने की सही विधि

थोड़े से पानी में छुहारे को एक घंटा भिगोकर दूध में उबालकर छुहारे खाये और दूध पी जायें | भिगोया हुआ पानी भी दूध में मिला लें | इसके बाद एक घंटे तक पानी नहीं पियें |  छुवारा खाकर दूध पीने के बाद जहाँ तक हो सके, पानी नहीं पियें | छुवारा शक्तिवर्धक और पौष्टिक होता है | छुवारो में शक्कर बुहत होती है | अतः मधुमेह ग्रस्त रोगी इसे नहीं खायें पढ़े – मधुमेह रोग उपचार| छुवारे गर्मियों में नहीं खायें |

छुहारा खाने के फायदे

मर्दाना-शक्ति, मोटापा बढ़ाना – जो शरीर से पतले, दुबले हैं, चाहते हैं की उनका शरीर, मोटा, ताजा, सुडौल, भरा हुआ और सुन्दर हो, वे चार छुहारे, गुठली निकालकर एक गिलास दूध में डालकर उबालें और सोते समय रात को तथा इसी प्रकार तैयार करके प्रातः भूखे पेट छुहारे खूब चबा-चबा कर खायें व दूध पी जायें | यह प्रयोग सर्दी के मौसम में लगातार तीन महीने करें | शरीर मोटा व सुन्दर हो जायेगा | बल और यौन शक्ति बढ़ेगी | यह प्रयोग सभी आयु के व्यक्ति (स्त्री व पुरुष दोनों) कर सकते हैं |

यदि छुहारे को चीर कर गुठली निकलकर उसमें केसर की चार पंखुड़ी डालकर उबालकर रात को खायें और दूध पी जायें, इसके बाद पानी नहीं पियें, तो अधिक लाभप्रद छुहारे शक्तिवर्धक और वीर्यवर्धक होते हैं | मर्दाना शक्ति बढ़ाने वाली औषधियों, नुस्खों में छुहारे दूध में देर तक उबालें की दूध का एक भाग जल जायें | इस प्रकार छुहारे उबालकर खायें और दूध भी साथ के साथ पियें |

शीघ्रपतन और पतले वीर्य वालों को छुहारे दूध में उबालकर नित्य खाने चाहिए | चार छुहारों में चीरा लगाकर गुठली निकाल दें | इनमे चार पंखुड़ी केसर( प्रत्येक) छुहारे में एक) भरकर सफ़ेद धागे से बाँध दें | इनको आधा किलो दूध में इतना उबालें की इसका आधा भाग रह जाये | पति-पत्नी दो-दो छुहारे खाकर यह दूध भी दो भाग करके पियें | दोनों की यौन शक्ति बढ़ जायेगी |

सेवन – छुहारे एक बार में से अधिक नहीं खाने चाहिए, वरना गर्मी करते हैं | दूध में भिगोकर उबालकर छुहारा खाने से इसके पौष्टिक गुण बढ़ते हैं |

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स्त्रियों का बहुमूत्र – तीन छुहारे पानी में नित्य रात को भिगोयें | प्रातः छुहारों की गुठली निकाल कर उसी पानी से पीसकर चटनी बनायें और चटायें | लगातार दस दिन दें | इससे स्त्रियों को बार-बार पेशाब जाने की बीमारी ठीक हो जायेगी | भगोने में पानी इतना ही लें, जिससे छुहारा भीग जायें और उसे सोख लें | इस प्रयोग को पुरुष भी कर सकते हैं, लेकिन स्त्रियों में अधिक लाभ करता हैं |