सायटिका(Sciatica)मैं भूल कर भी न खाएं ये भोजन

सायटिका(Sciatica) क्या है?

दर्द पैर मैं मगर बीमारी की जड़ कमर मैं | ऐसी ही एक अनोखी बीमारी के बारें मैं बात करने जा रहे है हम जिसका नाम है साइटिका(Sciatica)|

सायटिका(Sciatica) एक ऐसी बीमारी है जिसे कुछ लोग नसों की बीमारी मानते हैं तो कुछ लोग इसे हड्डियों की बीमारी मानते है| असल मैं साइटिका (Sciatica) एक नस की बीमारी है जिसमे हमारे शरीर की मुख्य नस सायटिका(Sciatica) रिड की हड्डी(Spinal cord) की डिस्क(disc) बहार आने की वजह से दब जाती हैं तथा इस इस्थिति मैं खून का प्रवाह(flow) पैरों की तरफ कम हो जाता है| जिससे पिंडलियों(limbs) मैं दर्द रहने लगता है एवं चलने फिरने मैं भी तकलीफ का सामना कर पड़ता है|

कई रोगियों मैं हर्निया एवं साइटिका दोनों रोग पाएं जाते हैं | इससे स्तिथि मैं मरीज असमंजस की स्थिति मैं रहता है के आखिर उसके पैरों मैं दर्द किस बीमारी की वजह से है | इसका जवाब है साइटिका(Sciatica) पैरों मैं यदि अधिक दर्द रहता है तो ये दर्द साइटिका की वजह से है ना की हर्निया की वजह से है | अगर आप हर्निया का इलाज भी ढूंढ रहे है तो पड़े |

साइटिका होने के मुख्य कारण?

  1. रिड की हड्डी(spinal cord) पे चोट लगाना|
  2. अधिक समय तक एक ही स्तिथि मैं बैठे रहना|
  3. भारी वजन उठाना|
  4. कब्ज़ रहना|
  5. लम्बे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठे रहना|
  6. लम्बे समय तक दोपहिया वाहन(Two wheeler) पे सफर करना|
  7. अधिक मोटापा होना भी इस बीमारी का एक मुख्य कारण है|

NOTE – साइटिका मैं ठंडी चीज़ो से परहेज़ करें

साइटिका के लक्ष्ण:-

  • पिंडलियों(limbs) मैं दर्द रहना
  • पैर मैं खिचाव महसूस होना
  • पैर मैं अधिक कमज़ोरी महसूस करना
  • ज़मीन पे आलती पालती मारकर बैठने मैं तकलीफ होना

क्या खाएं

क्या ना खाएं

Onion(प्याज़)

Potato(आलू)

Turnip (शलजम )

Tomato(टमाटर )

White Goose Foot(बथुआ )

Jackfruit(कटहल)

Turmeric(Haldi)

Maize(मक्का)

Sweet Potato(शकरकंद)

Cabbage(पत्ता गोभी )

Spring Onion(हरा प्याज, गंठा)

Brinjal(बैगन )

Spinach(पालक)

Kidney beans(राजमा)

Snake Gourd(चिचिंडा, चचेंडा)

Colocasia Root(अरबी, पेक्ची)

Pumpkin(घिया, कद्दू )

Garlic(लहशुन)

Fenugreek Leaf (हरी मेथी )

Ginger (अदरक)

Green Chilli(हरी मिर्च)

Radish(मूली)

Lady Finger(भिन्डी)

Mushroom (कुम्भी, खुखड़ी)

Pointed Gourd(परवल, पटल)

Ridged Gourd(तोरी, झींगी)

Peas (मटर)

Coriander Leaf(हरा धनिया पत्ता )

Celery(आजमोदा)

Carrot(गाजर)

Black Pepper(काली मिर्च)

Bitter Gourd (करेला)

Colocasia, Taro root(कांदु, कचालू, कांदा)

Raw Papaya(कच्चा पपीता)

Indian Gooseberry(आंवला)

Fennel (हरा सोया)

Broccoli (हरी गोभी )

Apple Gourd(टिंडा)

 

साइटिका का उपचार

  1. तकिये(Pillow) को अपने पैरो के निचे रख कर 10 मिनट तक सीधे लेटे रहना | इस उपाय को करते समय तकिया(Pillow) सिर्फ पैरो के निचे रखे सिर के निचे नहीं|
  2. महुआ(Mahua) के तेल से मालिश करिए आपको लाभ होगा | ये तेल आपको किसी भी आयुर्वेदिका स्टोर से मिल जायेगा | सर्दियों मैं ये तेल जम जाता है इसे गरम करने की विधि कुछ इस प्रकार है:-

पहले एक पतीले मैं पानी डाले और फिर इस पानी को अच्छे से गरम करें जब पानी अच्छे से गरम हो जाएं तब महुआ(Mahua) के तेल को स्टील(Steel) के बर्तन मैं डालें तथा इस बर्तन तो गरम पानी मैं रख दे | 5 मिनट(minute) बाद इस स्टील के डब्बे को खोल ले आप देखेंगे की जमा हुआ तेल पिघल गया है | अब इस तेल की हलके हाथ से कमर एवं पिंडलियों(limbs) पे मालिश करें|

नोट – धयान रखे अगर आपको एसिडिटी(Acidity), ब्लड प्रेशर(Blood pressure), डायबिटीज(Diabetes) एवं शरीर मैं गर्मी की समस्या है तो इस तेल के उपयोग न करें क्योंकि इस तेल की तासीर बुहत गरम होती है|

  1. साइटिका के दर्द मैं चुना(Chuna) संजीवनी का काम करता है| साइटिका(Sciatica) के दर्द मैं चुना संजीवनी का काम करता है | इसे सुबह गेहूँ के दाने के सामान गुनगुना पानी मैं डॉल के खाली पेट ले| चुने मैं भरपूर मात्रा मैं कैल्शियम पाया जाता है

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