सही आहार से दूर करें कब्ज़(Constipation)-क्या खाएं और क्या ना खाएं

कब्ज़(Constipation):-

कब्ज़(Constipation) एक ऐसी समस्या है जो कभी ना कभी किसी ना किसी को तंग करती ही है इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी मैं हम खान-पान पे ध्यान नहीं रख पाते | समय से भोजन नहीं ले पाते | काम की वजह से हमेशा तनाव ग्रहस्त रहते है जिसका हमारे शरीर पे बुरा प्रभाव पड़ता है| घंटो कंप्यूटर(Computer) के सामने बैठे रहना, टीवी(T.V.) देखते रहना, मोबाइल(Mobile) पे अधिक समय व्यतीत करना, शारीरिक श्रम की कमी होने की वजह से कब्ज़ की समस्या हमे परेशान करती है| हमे ये भी समझ लेना होगा के अब मोबाइल और कंप्यूटर के बिना जीना संभव नहीं है | तो इस स्तिथि मैं करें क्या कैसे काम के साथ-साथ तंदरुस्ती भी बनाये रखे | इसका एक ही जवाब है हम अपने आहार मैं कुछ बदलाव करें जिससे हम काम भी करते रहे और सेहत भी बनी रहे|

अगर आपको कब्ज़ की समस्या अक्सर तंग करती है तो सतर्क हो जाइये | कब्ज़ हज़ारों बिमारियों को निमंत्रण देती है | अगर मल पेट मैं पड़ा रहेगा तो वो सैकड़ो बीमारियां उत्पन करेगा | अधिक कब्ज़ रहने से बवासीर(Piles) एवं साइटिका(Sciatica) उत्पन्न होता है|

वैसे तो कब्ज़ दूर करने के सैकड़ो चूर्ण उपलब्ध है मगर नित्य इन चूर्ण का इस्तेमाल घातक सिद्ध हो सकता है | निरन्तर लम्बे समय तक चूर्ण लेने से आँतो(Intestine) का स्नायुतंत्र कमज़ोर हो जाता है जिससे आँतो की गतिशीलता कम हो जाती है | जिससे मल बाहर नहीं निकलता | रोगी प्रायः कहते है पहले चूर्ण से दस्त आ जाता था, अब ये चूर्ण प्रभाव नहीं करता, जोर लगाने पे भी मल नहीं निकलता|

चूर्ण पे निर्भर रहने से अच्छा है हम अपने आहार को सुधारे | अपने खान पान मैं फाइबर(Fibre) युक्त भोजन खाएं जिससे हमे कब्ज़ की समस्या परेशान ना करें |

आइए जाने कब्ज़ की स्तिथि मैं,

क्या खाएं और क्या ना खाएं:-

क्या खाएं

क्या ना खाएं

Turnip (शलजम )

Potato(आलू)

White Goose Foot(बथुआ )

Tomato(टमाटर )

Sweet Potato(शकरकंद)

Onion(प्याज़)

Spring Onion(हरा प्याज)

Turmeric(हल्दी)

Spinach(पालक)

Green Chilli(हरी मिर्च)

Snake Gourd(चिचिंडा, चचेंडा)

Red Chilli(लाल मिर्च )

Pumpkin(घिया, कद्दू )

Peas (मटर)

Garlic(लहसुन)

Capsicum(शिमला मिर्च)

Fenugreek Leaf (हरी मेथी )

Kidney beans(राजमा)

Ginger (अदरक)

Colocasia Root(अरबी, पेक्ची)

Green Beans(शेम के फली)

Radish(मूली)

Jackfruit(कटहल)

Lady Finger(भिन्डी)

Mushroom (कुम्भी, खुखड़ी)

Maize(मक्का)

Pointed Gourd(परवल, पटल)

Peppermint(पुदीना)

Ridged Gourd(तोरी, झींगी)

Cucumber(खीरा)

Coriander Leaf(हरा धनिया पत्ता )

Celery(आजमोदा)

Cauliflower(फूल गोभी)

Carrot(गाजर)

Cabbage(पत्ता गोभी )

Brinjal(बैगन )

Bottle Gourd (लौकी, कद्दू, घिया)

Black Pepper(काली मिर्च)

Bitter Gourd (करेला)

Beetroot (चकुंदर)

Arrowroot

Raw Papaya(कच्चा पपीता)

Indian Gooseberry(आंवला)

Elephant foot yam(जिमीकंद)

Cucumis Utilissimus( ककड़ी)

Broccoli (हरी गोभी )

Ash Gourd(पेठा )

Apple Gourd(टिंडा)

Amaranth Leaves (हरी चोलाई )

अमरूद

 

 

आइए कब्ज़ दूर करने के कुछ घरेलू उपचार के बारें मैं जानते है|

  1. सरसों का तेल(Mustard oil) – रात को सोते समय नाभि पे हल्के हाथ से सरसों के तेल की मालिश करके सोये इससे आपको सुबह उठते ही खुल के शौच आ जायेगा|
  2. इसबगोल की भूसी – यह कब्ज़ मैं बुहत लाभदायक है | इसके 2 चम्मच गरम दूध के साथ या गरम पानी के साथ लेने से कब्ज़ की समस्या दूर होती है | कभी कभी इसबगोल की भूसी लेने से पेट फूल जाता है | ऐसा बड़ी आँतो मैं ईसबगोल पर बैक्टीरिया के प्रभाव से पैदा होने वाली गैस से होता है | ऐसे लोग ईसबगोल की मात्रा काम ले या ना लें|
  3. मुनक्का – कब्ज़ मैं मुनक्का गरम दूध मैं उबाल कर लेने से लाभ होता है|
  4. इमली का गुदा पानी के साथ उबालकर शक्कर मिलाकर लेने से पेट का अफरा एवं कब्ज़ मैं फायदा होता है
  5. एनीमा – जिनका मल सुख गया है तथा शौच के वक़्त गाँठे निकलती है | वे गुन गुने पानी का एनीमा कभी कभी लें लिया करें
  6. शहद(Honey) – प्रायः गुन गुने पानी मैं एक चम्मच शहद डालके पीने से कब्ज़ की समस्या दूर होती है|
  7. छाछ – गर्मियों मैं छाछ का सेवन कब्ज़ दूर करने मैं मदद करता है|
  8. अगर कब्ज़ की समस्या अधिक रहती है तो सप्ताह मैं एक बार फलाहार या व्रत ज़रूर करें आपको लाभ होगा|
  9. अगर आपको हर्निया है तो ध्यान रखे अधिक कब्ज़ आपके लिए घातक है | इसलिए कब्ज़ का निरन्तर इलाज करते रहे|
  10. गीली मिटटी – अगर कब्ज़ अधिक रहती है तो गीली मिटटी सुबह पेट पे लगाए आपको लाभ होगा| ध्यान रखे आधे घंटे से ज्यादा गीली मिटटी को पेट पे ना लगाए|