मोटापा(Obesity)कम करने के लिए घरेलू उपाय(Home Remedies)

मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खे :-

पानी उबालकर ठंडा करें जब गुनगुना रह जाए तब उसमें निम्बू का रस और शहद मिलाकर शर्बत के सामान करके पीने से मोटापा दूर होता है | शरीर में चाहे कैसी भी चर्बी गई हो, घटकर शरीर सुडौल बन जाता है | पेट के रोग दूर होकर जठराग्नि तेज बनी रहती है | प्रातः खाली पेट निरन्तर एक-दो माह तक लें |

मोटापा कम करने के लिए योगासन :-

मोटापा घटाने में सहायक योगासन और कसरत क्रियाएँ नित्य प्रातः करें तो लाभ जल्द होगा | योगासन में उत्तानपादासन, भुजंगासन, धनुरासन, त्रिकोणासन, नौलि क्रिया मोटापे कम करने में अत्यंत प्रभावशाली है |

भोजन हल्का दिन में एक बार करें | चौकर की रोटी खाना लाभप्रद है | हरी सब्ज़ियों का विशेष रूप से सेवन करें | सांयकाल केवल फल लें | भोजन के साथ जल न लें | भोजन के एक घंटे पश्चात् थोड़ा जल पिएँ | चाय, कॉफ़ी, चर्बी बढ़ाने वाले और मीठे पदार्थो का सेवन यथासंभव कम कर दे | जहाँ शहद के साथ निम्बू पानी के सेवन से मोटापा घटता है वहाँ केवल निम्बू पानी के सेवन से मोटापा बढ़ता है |

मोटापा कम करने का आसान तरीका :- 

दोनों समय भोजन के तुरंत बाद एक कप उबलता हुआ गर्म पानी लें और जितना गर्म पिया जा सके चाय की भाँति छोटे-छोटे घूंट अथवा चम्मच की सहायता से धीरे धीरे पी लें | (चाहे तो एकाध घूंट ठंडा पानी भोजन के बीच में लें सकते हैं) इस प्रकार खाने के तुरंत बाद गर्म पानी के लगातार सेवन करने से मोटापा घटकर शरीर संतुलित हो जाता है | परन्तु गर्म पानी का ये प्रयोग लगातार महीने से अधिक नहीं करना चाहिए है |

सर्दियों में इस प्रयोग को उचित परहेज़ के साथ आवश्यकतानुसार पंद्रह दिन से दो माह तक करने से मोटापे के अतिरिक्त एसिडिटी होम रेमेडीज, कब्ज, कोलिटिस (आंतो की सूजन), अमोबाइसिस, कृमि आदि रोग भी दूर हो जाते है |

इससे प्रसव के पश्चात् बढ़ा हुआ पेट ठीक होकर सुगठित हो जाता है | मोटे रोगियों, गठिया तथा जोड़ों के दर्द व सूजन के लिए गर्म पानी का सेवन बुहत लाभप्रद है | इससे मूत्र अधिक मात्रा में आकर शरीर से यूरिक एसिड और विषैले अंश निकल जाते हैं | अधिक गैस पैदा होना बंद हो जाता है | अजीर्ण और पेट फूलना बंद होता है | कब्ज नहीं रहती , पखाना खुल कर आता है | मल आंतो में नहीं सड़ता | पेट में कीड़े की उत्पत्ति नहीं होती | अमाशय और आंतों की कमजोरी, पेट फूलना, अमाशय की सूजन, पेचिश आदि बिमारियाँ नष्ट होती है | यकृति को शक्ति प्राप्त होती है | आँखों के नीचे काले घेरे और चेहरे का भद्दापन दूर होकर रंग निखरता है |